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१ अप्रैल २०१६: मध्यप्रदेश में राजस्व न्यायालय ऑनलाइन

भोपाल, ट्रैप टाउन न्यूज़ । मध्यप्रदेश में आगामी १ अप्रैल से राजस्व न्यायालय ऑनलाइन काम करना शुरू कर देगा। इससे पक्षकार और वकील अपने प्रकरणों की वस्तु-स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे। वे प्रकरणों से संबंधित आदेशों का अवलोकन कर सकेंगे और घर बैठे प्रिंट भी ले सकेंगे। इसके लिये सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। राजस्व न्यायालय से संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। एक अप्रैल से कुछ जिलों में प्रायोगिक रूप से यह शुरू हो जायेगा। यह जानकारी मंत्रालय में राजस्व विभाग की समीक्षा में दी गई।
१ अप्रैल २०१६: मध्यप्रदेश में राजस्व न्यायालय ऑनलाइन

सभी जिलों में प्रकरणों से संबंधित आदेशों का अवलोकन ऑनलाइन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्व प्रशासन संबंधी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि गरीब कल्याण वर्ष 2016 में आवासहीन लोगों को आवासीय भूमि पर पटटे दिये जायेंगे। इसके लिये अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने राजस्व रेकार्ड के आधुनिकीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में आधुनिक राजस्व रेकार्ड रूम नहीं हैं वहाँ निर्माण की प्रक्रिया जल्दी शुरू करें। आम लोगों की सहूलियत के लिये उनका उपयोग करें। ऐसे जिलों के कलेक्टरों को जिम्मेदार ठहराया जायेगा जहॉ आधुनिक रेकार्ड रूम की स्थापना के बावजूद लोकहित में उनका उपयोग नहीं हो रहा है। श्री चौहान ने नक्शाविहीन गाँवों के नक्शे छह माह के भीतर तैयार करने के निर्देश दिये। अभी शेष रह गये 170 गाँवों के नक्शे तैयार किये जा रहे हैं। श्री चौहान ने कहा कि जो जिले इस काम में रूचि नहीं ले रहे हैं वहां के संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करें। श्री चौहान ने खसरे की नकल आनलाइन देने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता आयेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जायेगी। उन्होंने अगले दो माह में इस काम को पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वे स्वयं गाँवों का भ्रमण कर इस काम की मैदानी स्तर पर समीक्षा करेंगे। बैठक में बताया गया कि वेब आधारित जीआईएस एप्लीकेशन से ऑनलाइन खसरा नकल उपलब्ध करवाने का काम शुरू हो गया है। अगले छह माह में सभी जिलों में यह ऑनलाइन उपलब्ध हो जायेगी। बैठक में राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव अंटोनी डिसा, प्रमुख सचिव राजस्व के.के. सिंह एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।