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रेशम धागा एवं वस्त्र उत्पादन में 200 करोड़ से अधिक की गंभीर अनियमितता

मंत्री सुश्री कुसुम महदेले ने दिये थे जाँच के आदेश
भोपाल : ग्रामोद्योग मंत्री सुश्री कुसुम महदेले के निर्देश के बाद हुई जाँच में कुकून, सिल्क धागा और वस्त्र उत्पादन में 200 करोड़ से अधिक की गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आयी है। सुश्री महदेले के निर्देश के बाद राज्य शासन स्तर पर पूरे प्रकरण की जाँच की गयी है।

रेशम धागा एवं वस्त्र उत्पादन में 200 करोड़ से अधिक की गंभीर अनियमितता
रेशम धागा एवं वस्त्र उत्पादन में 200 करोड़ से अधिक की गंभीर अनियमितता
सुश्री महदेले को विगत एक वर्ष से लगातार रेशम संचालनालय के अधिकारियों द्वारा गड़बड़ी किये जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। उन्होंने शिकायतों को गंभीरता से लेकर पूरे प्रकरण की जाँच करवायी। जाँच में सामने आया कि पिछले 5 वर्ष के दौरान सुनियोजित तरीके से रेशम धागा एवं वस्त्र उत्पादन में गंभीर अनियमितता की जा रही है। विभाग के प्रमुख सचिव श्री प्रवीर कृष्ण के अनुसार अनियमितता में सहायक प्रबंधक से लेकर महाप्रबंधक तक की मिली-भगत उजागर हुई है।

राज्य शासन ने रेशम संचालनालय के 10-12 अधिकारी के विरुद्ध आपराधिक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी है। पूरे प्रकरण को अगली कार्यवाही के लिये लोकायुक्त को सौंपा जा रहा है। प्रकरण में आईपीसी की धारा-409, 420, 132, 477, 479 एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-13.1 ई में दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की गयी है। जाँच में यह भी पाया गया कि उप संचालक श्री आर.के. श्रीवास्तव द्वारा पत्नी के नाम से व्यवसाय कर व्यक्तिगत लाभ भी उठाया गया है। निर्माण एजेंसी नहीं होने के बावजूद भी आयुक्त रेशम ने रेशम फेडरेशन द्वारा निर्माण कार्य करवाये जाने के आदेश दिये तथा लगभग 11 करोड़ का निर्माण कार्य करवाया। उल्लेखनीय है कि उप संचालक श्री आर.के. श्रीवास्तव को अनियमितताओं के कारण पिछले दिनों निलंबित भी किया जा चुका है।

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