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स्मार्ट सिटी के लिए 8 नाम, भोपाल पहले व इंदौर दूसरे नंबर पर

स्मार्ट सिटी के लिए 8 नाम, भोपाल पहले व इंदौर दूसरे नंबर पर
स्मार्ट सिटी के लिए 8 नाम, भोपाल पहले व इंदौर दूसरे नंबर पर

भोपाल । प्रदेश ने स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र को भेजे जाने वाले शहरों के नाम चुन लिए हैं। इस सिटी चैलेंज प्रतियोगिता में भोपाल शहर पहले स्थान पर रहा। इसे सबसे ज्यादा 93 नंबर मिले। 88 नंबर के दूसरा स्थान इंदौर का रहा। इनके अलावा जबलपुर, ग्वालियर, सागर, सतना, बुरहानपुर को चुना गया।

हालांकि प्रदेश की ओर से 7 की बजाय 8 नाम भेजे जाएंगे, क्योंकि बुरहानपुर और उज्जैन दोनों के अंक 78 अंक हैं। केंद्र 3 अगस्त को करेगा घोषणा केन्द्र 3 अगस्त को 100 स्मार्ट सिटी की घोषणा करने वाला है। राज्य सरकार को 31 जुलाई से पहले 7 शहरों के नाम भेजना है। पूरी संभावना है कि पहले 6 नाम तो यही तय होंगे। सातवें स्थान के लिए बुरहानपुर के चुने जाने की संभावना ज्यादा है।

मुख्यमंत्री भी इसी के पक्ष में हैं। अब टॉप 20 में आने की परीक्षा केन्द्र सरकार स्मार्ट सिटी की प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए देश भर के 100 शहरों को 2-2 करोड़ ヒपए देगा। इसके बाद इन सभी में आपसी प्रतिस्पर्द्घा करवाई जाएगी। उससे पहले चरण के लिए 20 शहर चुने जाएंगे। ये शहर कोई भी हो सकते हैं। संभव है कि भोपाल-इंदौर चुने जाएं। यह भी हो सकता है कि प्रदेश से कोई भी शहर शामिल नहीं हो।

स्टेट सिटी चैलेंज में किसे कितने अंक

भोपाल- 93 इंदौर- 88 जबलपुर – 85 ग्वालियर – 84 सागर- 81 सतना – 81 बुरहानपुर- 78 उज्जैन – 78

उज्जैन क्यों नहीं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम उज्जैन में पहले से 2700 करोड़ खर्च कर रहे हैं, इसलिए इसे 7 शहरों में शामिल न करें। राज्य सरकार उज्जैन का नाम खुद की स्मार्ट सिटी सूची में शामिल करेगी।

असली चिंता

हमारा कार्यकाल खत्म हो जाएगा केन्द्र पहले चरण में केवल 20 शहरों का ही चयन करेगा। कोई गारंटी नहीं है कि इनमें भोपाल-इंदौर का चयन हो ही जाए। ऐसे में ग्वालियर का नंबर आते-आते तो हमारा कार्यकाल ही खत्म हो जाएगा। विवेक शेजवलकर, ग्वालियर महापौर हमें कैसे फायदा मिलेगा जब तक हमारे शहर का नंबर आएगा तब तक हमारे यहां चुनाव आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में हमें इसका कैसे फायदा मिलेगा।

-ममता पांडेय, सतना महापौर

और आश्वासन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग चिंता न करें हम चुनाव से पहले सभी शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने पर काम शुरू कर देंगे।

सीएम बोले, 7 शहरों को केंद्र स्मार्ट बनाएगा, बाकी को हम बनाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र केवल 7 शहरों के लिए ही पैसा देगा। बाकी को हम स्मार्ट बनाएंगे। मैं खुद नगर निगमों में जाकर स्मार्ट सिटी की घोषणा करूंगा। जिनके शहर का चयन नहीं हुआ है वे महापौर निराश न हों। हम उनके शहरों को भी स्मार्ट बनाएंगे। यह मेरा वादा है।

मेयर स्मार्ट, कमिश्नर नहीं

मुख्यमंत्री ने बजट उपयोग, टायलेट और राजस्व संग्रहण से संबंधित जानकारी नगर निगम कमिश्नरों से पूछी। छिंदवाड़ा के कमिश्नर एसबी सिंह, रीवा के प्रभारी कमिश्नर शैलेन्द्र शुक्ला और खंडवा नगर निगम कमिश्नर जेजे जोशी जानकारी नहीं दे पाए। वे मुख्यमंत्री के सामने फाइलें पलटते रहे। तब मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे मेयर तो स्मार्ट हैं, लेकिन कमिश्नर नहीं। जब तक कमिश्नर स्मार्ट नहीं होंगे तब तक स्मार्ट सिटी की बात करना भी बेमानी है। यह सुनकर तीनों अधिकारियों ने गरदनें झुका लीं।

स्मार्ट सिटी के चार मॉडल

प्रजेंटेशन में बताया गया कि स्मार्ट सिटी के लिए चार मॉडल तैयार किए गए हैं। पहला मॉडलः रेट्रो फिटिंग इसके तहत शहर में नगर निगम सीमा के भीतर 500 एकड़ का क्षेत्र चुना जाएगा। जिसमें 24 घंटे बिजली, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था होगी। पूरा इलाका डिजिटल होगा। इसके साथ लोक परिवहन, स्ट्रीट लाइन और पर्यावरण की दृष्टि से इलाका विकसित होगा। इसमें से पांच एकड़ में नई कॉलोनी विकसित की जाएगी। यहां सायकल ट्रैक भी बनाया जाएगा।

दूसरा मॉडल : रीडेंसिफिकेशन इसमें नगर निगम सीमा में किसी पुरानी बसाहट को चुना जाएगा। जो 50 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई होगी। इसको तोड़कर नए सिरे से बसाहट की जाएगी। इनमें आधुनिक सुविधाएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सीवेज निकासी, अच्छी सड़कें, आरओ वॉटर, वाईफाई से लैस होगा। तीसरा मॉडलः ग्रीन फील्ड इसमें नगर निगम सीमा से लगा 250 एकड़ क्षेत्र चुना जाएगा। जिसमें खेत, पेड़, पौधे आदि होंगे। यहां सुविधाएं विकसित की जाएंगी। क्वालिटी ऑफ लिविंग दी जाएगी। चौथा मॉडलः पैन सिटी इसमें पूरे शहर की किसी एक समस्या को चुना जाएगा। इसको दूर करने के लिए योजना बनाई जाएगी और फिर उस पर अमल शुरु होगा। इसके लिए केंद्र सरकार मदद करेगी। भोपाल में सीवेज की समस्या दूर करने के लिए पैन मॉडल लागू किया जा सकता है।

संविदा से भरे जा सकते हैं रिक्त पद

बैठक में कटनी नगर निगम महापौर सहित कई निगमों के महापौर ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमारे यहां ट्रेंड स्टाफ ही नहीं है। ऐसे में कैसे स्मार्ट वर्किंग हो पाएगी। हमें नई भर्ती करने दी जाए। इस पर नगरीय प्रशासन आयुक्त विवेक अग्रवाल ने कहा कि हम फिलहाल रिक्त पदों पर संविदा से भरने की अनुमति देने पर विचार कर रहे हैं। बाद में इन पदों पर भर्ती कर दी जाएगी।

देवास व रीवा के महापौर ने नाराजगी जताई

प्रजेंटेशन में देवास और रीवा के नंबर कम मिलने पर देवास के महापौर सुभाष शर्मा और रीवा की महापौर ममता गुप्ता ने कड़ी आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि हम केन्द्र द्वारा तय अधिकांश बिन्दुओं को पूरा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हमें कम नंबर दिए गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने दोनों महापौरों से कहा कि हम एक बार फिर से रिव्यू कर लेंगे। कहीं कोई कमी है तो सुधार किया जाएगा।

इंदौर महापौर का कथन

स्मार्ट सिटी को लेकर जो 13 बिंदु तय किए गए थे उसमें से 11 में हम भोपाल के बराबर हैं। नगरीय निकाय की कार्यप्रणाली में सुधार के मामले में भोपाल से आगे हैं। जेएनएनयूआरएम प्रोजेक्ट्स के कारण हमें पांच नंबर जरूर कम मिले हैं, लेकिन इसकी भरपाई अमृत योजना में अच्छा काम करके पूरा कर लेंगे

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