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मध्यप्रदेश के हाथ धुलाई विश्व कीर्तिमान को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकार्ड ने दी मान्यता

मध्यप्रदेश के हाथ धुलाई विश्व कीर्तिमान को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकार्ड ने दी मान्यता
विश्व हाथ धुलाई दिवस पर 12 लाख 76 हजार 425 विद्यार्थी ने रचा था कीर्तिमान

मध्यप्रदेश में विश्व हाथ धुलाई दिवस 15 अक्टूबर 2014 पर बने विश्व कीर्तिमान को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकार्ड की मान्यता मिल गई है। गिनीज बुक की अधिकृत वेबसाइट पर मध्यप्रदेश में रचे गये इस विश्व कीर्तिमान की जानकारी दर्ज है। मध्यप्रदेश को विश्व कीर्तिमान रचने की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिये शीघ्र ही समारोहपूर्वक प्रमाण-पत्र सौंपा जायेगा।

गिनीज बुक के अनुसार विश्व हाथ धुलाई दिवस पर मध्यप्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी 51 जिले में 13 हजार 196 अलग-अलग स्थान पर आयोजित हाथ धुलाई कार्यक्रम में एक ही समय में एक साथ 12 लाख 76 हजार 425 विद्यार्थियों ने एक साथ भागीदारी कर नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था। इससे पहले हाथ धुलाई का विश्व रेकार्ड अर्जेन्टीना, पेरू और मेक्सिको के नाम पर दर्ज था। इन तीन देश में गत 14 अक्टूबर 2011 को अलग-अलग स्थान पर एकसाथ 7 लाख 40 हजार 870 लोगों ने हाथ धोकर विश्व कीर्तिमान बनाया था। मध्यप्रदेश ने इस कीर्तिमान को पीछे छोड़ते हुए 15 अक्टूबर 2014 को एकसाथ हाथ धुलाई का नया विश्व कीर्तिमान रचा।

अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती अरूणा शर्मा ने बताया कि स्वच्छता के बारे में जन-जागरूकता लाने के मकसद से 15 अक्टूबर 2014 को मध्यप्रदेश की सभी शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक शाला और आँगनवाडी़ में साबुन से हाथ धुलाई का कार्यक्रम हुआ था। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकार्ड के सत्यापन के लिये विशेष रूप से चयनित प्रदेश के 19 हजार 735 स्कूल में वीडियो केमरों तथा मोबाइल फोन केमरों द्वारा वीडियोग्राफी की गयी थी। श्रीमती शर्मा ने बताया कि इस आयोजन में भागीदार सभी बच्चों के नाम सहित प्रमाणित विवरण और स्कूलवार अनकट वीडियोग्राफी गिनीज बुक की ओर विधिवत भेजी गई थी। गिनीज बुक द्वारा इस प्रमाणित विवरण के आधार पर ही विश्व हाथ धुलाई के नये विश्व कीर्तिमान को मान्यता दी गई है।

उल्लेखनीय है कि भावी पीढ़ी को स्वच्छता शिक्षा प्रदान करने और नागरिकों को स्वच्छता अभियान से जुड़ने के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में यह अनूठा आयोजन हुआ था। इस राज्यव्यापी कार्यक्रम को सफल बनाने की प्रदेश में व्यापक तैयारियॉ की गई थी। स्कूल शिक्षा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही सभी नगरीय एवं ग्रामीण निकायों ने इसमें व्यापक भागीदारी निभाई। राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन मध्यप्रदेश, ब्रिटिश सरकार के अंतर्राष्ट्रीय विकास विभाग (डीएफआईडी) में कार्यरत संस्था एम.पी.टास्ट की वॉश परियोजना तथा वाटर एड सहित विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी इसमें सक्रिय भागीदारी की थी।

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