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भारत में इंटरनेट की आज़ादी

भारत में बहुत जल्द इंटरनेट की आज़ादी न के बराबर होने वाली है क्योकि इंटरनेट प्रोवाइडर तय करेंगे, किसको कैसे कब और क्या देखना,पड़ना, डाउनलोड, कुछ चलना, कुछ सुनना है तो यह सब इंटरनेट प्रोवाइडर टैरिफ के हिसाब से होगी, इसके पीछे की दलील है कि घटा हो रहा है जबकि सही मायने में बिल्कुल भी ऐसा नहीं है| ट्राई अब फैसला करेगा इंटरनेट कि आज़ादी।
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भारत में इंटरनेट की आज़ादी
भारत में इंत्टरनेट की आज़ादी

#SaveTheInternet
एआईबी की एक वीडियो ने लोगों के बीच इंटरनेट की आज़ादी को लेकर बहस छेड़ दी है। दरअसल इस वीडियो ने नेट नयूट्रेलिटी पर कंपनियों द्वारा किसी भी डाटा पर एक जैसी किमत वसूले जाने के मुद्दे को लोगों के सामने रखा। बताया जा रहा है कि अबतक इंटरनेट उपभोक्ताओं को एक ही पैक रिचार्ज पर बहुत सारी सर्विस मुफ्त में मिल जाया करती थी लेकिन कंपनियां अब ऐसी योजना बना रही है कि जिससे नेट का रिचार्ज तो कराना ही होगा साथ में उपभोक्ता को अन्य एप इस्तेमाल करने के लिए अलग से कीमत चुकानी पड़ेगी। मतलब डबल चार्ज देना पड़ेगा।

मिसाल दी जा रही है कि एयरटेल ने फ्लिपकार्ट से हाथ मिला लिया है। ऐसे में एयरटेल के इंटरनेट कनेक्शन पर फ्लिपकार्ट चलेगी तेज और फ्लिपकार्ट की प्रतियोगी कंपनियां हो सकता है धीमी हो जाएं। ये भी मुमकिन है कि ऐसे में किसी दूसरे टेलिकॉम कंपनी के कनेक्शन से आप फ्लिपकार्ट तक पहुंच ही ना पाएं।

असर पड़ेगा आप जैसे इंटरनेट उपभोक्ताओं को?

अगर नेट की आजादी खत्म हुई और नई व्यवस्था लागू हुई तो न्यूट्रिलिटी ग्रुप के मुताबिक फेसबुक, गूगल के लिए आपको अलग से 30-30 रुपये व्हाट्सएप के लिए 75 रुपये, फ्लिपकार्ट-अमेजन के लिए 50-50 रुपये और न्यूज एप्प के लिए का 10 रुपए का बेसिक चार्ज होगा।
नई व्यवस्था प्री-पेड और पोस्ट पेड, दोनों कनेक्शन पर लागू होगी। अभी इंटरनेट की तमाम सर्विसेस के लिए एक ही पैक और प्लान मिलता है।
देश भर में लगातार बढ़ रहे स्मार्टफोन नेटवर्क के साथ साथ इंटरनेट एक्सेस भी बढ़ा है लेकिन टेलिकॉम कंपनियों को लगता है कि इस मुनाफे का ज्यादा फायदा उन्हें मिलना चाहिए। टेलीकॉम कंपनियों का मानना है एसएमएस सेवा को व्हॉट्सएप जैसे लगभग मुफ़्त ऐप ने लगभग मार ही डाला है। नेट न्यूट्रेलिटी का विरोध करने वालीं कंपनियां इसी आधार पर इसका विरोध कर रहीं हैं।

सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राजन मैथ्यूस का कहना है, “हम स्पेक्ट्रम की कमी, इंटरनेट की सीमित पहुंच और ज्यादा ग्रामीण ग्राहकों वाले देश में हैं जहां 95 फीसदी प्रीपेड कस्टमर हैं और 40 फीसदी तो सिर्फ 10 रुपये का रीचार्ज करवाते हैं। हर नागरिक को सस्ता इंटरनेट मुहैया करवाना हमारी प्राथमिकता है। जिन 20 फीसदी के पास सबकुछ है वो उन 80 फीसदी लोगो के लिए फैसला नहीं कर सकते जिनके पास कुछ नहीं है।”

दरअसल नेट की आजादी को लेकर ताजा बहस इसलिए भी जोर पकड़ रही है क्योकि टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने हाल ही में मुफ्त इंटरनेट प्लान ‘एयरटेल जीरो’ लॉन्च किया है। इस प्लान के तहत ग्राहक को मुफ्त इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्लान को लॉन्च करने के बाद एयरटेल ने बताया कि ग्राहकों को यह पसंद आएगा क्योंकि इसके जरिये वे कई एप्लिकेशन्स को बिना किसी डेटा चार्ज के ही इस्तेमाल कर सकेंगे

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