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सरेआम किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी, आप नेता भाषण देते रहे

दिल्ली । आम आदमी पार्टी (आप) की किसान रैली में राजस्थान से आये एक किसान गजेन्द्र ने पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। आप ने केन्द्र सरकार के भूमि अधिग्रहण विधेयक के खिलाफ जंतर मंतर पर किसान रैली का आयोजन किया था। राजस्थान से आये किसान गजेन्द्र रैली के दौरान पेड़ पर चढ़ गया और गमछे से लटककर खुदकुशी की कोशिश की। उसे बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गजेन्द्र ने पेड़ से लटककर फांसी लगा ली
केजरीवाल का कहना था कि दिल्ली पुलिस उनके अख्तियार में नहीं है, लेकिन उसे भगवान का भी डर नहीं है. ये समझ से परे है कि क्यों दिल्ली पुलिस ने उस शख्स को बचाने की कोशिश नहीं की.

गजेंद्र को देखने के लिए रैली खत्म होने का इंतजार क्यो!

गजेंद्र ने अस्पताल जाते वक्त दम तोड़ दिया, लेकिन सीएम अरविंद केजरीवाल ने गजेंद्र को देखने के लिए अपनी रैली के खत्म होने का इंतजार किया। जब रैली खत्म हुई तब केजरीवाल राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे.

अब सवाल है कि आखिर किसान ने डेढ़ बजे खुदकुशी की, लेकिन आप के नेता और केजरीवाल क्यों 2.47 मिनट तक रैली को संबोधित करते रहे?

सवाल है कि आखिर केजरिवाल ने गजेंद्र को देखने जाने के लिए क्यों रैली खत्म होने का इंतज़ार किया?

भाषण से सस्ती जान

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने आरोप लगाया है कि अगर रैली रोक दी जाती तो किसान की जान बचाई जा सकती है. पायलट का आरोप है कि किसी ने उस बचाने की कोशिश नहीं की
किसान के नाम पर रैली कर रहे आप के नेताओं ने इस दुखद घटना के बावजूद अपने भाषण चालू रखे। हालांकि वह पुलिस से और आप पार्टी के वालंटियरों से किसान को पेड़ से उतारने की मन से बार बार अपील करते रहे, लेकिन स्वयं वहां तक नहीं आये। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिवद केजरीवाल के अलावा मनीष सिसौदिया, कुमार विश्वास और संजय सिंह ने इस घटना के बाद भी अपने भाषण दिए। केजरीवाल और सिसौदिया रैली खत्म होने के बाद ही गजेन्द्र को देखने अस्पताल गये।

गजेन्द्र ने एक नोट छोड़ा है जिसमें उसने लिखा था कि उसकी फसल बर्बाद हो गयी है, उसके पिता ने उसे घर से निकाल दिया है, उसके तीन बच्चे हैं और वह आत्महत्या कर रहा है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मीडिया को बताया कि गजेन्द्र को जब अस्पताल लाया गया, उसकी मौत हो चुकी थी। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन गजेन्द्र का हालचाल लेने अस्पताल गये।

केजरीवाल ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने आत्महत्या करने वाले किसान को बचाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि हमारी आंखों के सामने ही किसान पेड़ पर चढ़ गया, हम बराबर पुलिस से उसे पेड़ से उतारने की अपील करते रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस दिल्ली सरकार अधीन नहीं है, लेकिन उसमें इतनी मानवता तो होनी ही चाहिए थी कि वह किसान की जान बचाती।

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