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किसानों को मरने न दें: मोदी

किसानों को मरने न दें: मोदी

किसानों की जिंदगी से बड़ी और कोई चीज नहीं, हम हम किसानों को मरने न दें: मोदी

देश में किसानों की आत्महत्या की समस्या को बहुत पुरानी और व्यापक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि किसानों की जिंद्री से बड़ी और कोई चीज नहीं है और सरकार सबके सुझावों के साथ इस समस्या का निदान चाहती है जिससे हम अपने किसानों को न मरने दें।
कल राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान एक किसान द्वारा आत्महत्या किये जाने की घटना पर लोकसभा में आज सभी दलों द्वारा इस मुद्दे को उठाये जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कई वर्षों से किसानों की आत्महत्या समग्र देश के लिए चिंता का विषय है, कल की घटना से पूरे देश में पीड़ा है और उसकी अभिव्यक्ति आज सदन में भी हुई। मैं भी इस पीड़ा में सहभागी हूं।
उन्होंने कहा कि हम सबका संकल्प होना चाहिए कि हम मिलकर समस्या का समाधान कैसे करें। समस्या बहुत पुरानी और व्यापक है। और उसे उसी रूप में लेना होगा। जो भी अच्छे सुझाव आयेंगे, सरकार उसे लेने को तैयार है। किसान की जिंदगी और इंसान की जिंदगी से बड़ी कोई चीज नहीं है।
मोदी ने कहा कि हमें यह सोचना होगा कि हम कहां गलत रहे, कौन से गलत रास्ते पर चल पड़े। पहले क्या गलतियां रही और पिछले 10 महीने में क्या गलतियां हुई। हमें किसानों की समस्या का समाधान खोजना है। सभी दलों के सदस्यों से इस समस्या के निदान के बारे में सुझाव मांगते हुए उन्होंने कहा कि सुझाव दीजिए, किसानों को अकेला नहीं छोड़ सकते। अब अपने किसानों को न मरने दें, इतनी ही विनती करता हूं।
सदस्यों द्वारा अपनी बात रखे जाने के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से इसका जवाब दिये जाने के समय प्रधानमंत्री सदन में आए और सिंह के बयान के बाद उन्होंने कहा कि सदन की पीड़ा से जोड़ते हुए मैं यह कहना चाहूंगा कि यह पीड़ा बहुत पुरानी और गहरी है और हमें सोचना होगा कि हम गलत कहां रहे।

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