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ममता अभियान को समाज और जनता का अभियान बनायें – मुख्यमंत्री श्री चौहान

महिला स्वास्थ्य रक्षा के लिये समर्पित कार्यकर्ता हैं बधाई के पात्र – श्रीमती माधुरी दीक्षित
माताओं-शिशुओं का जीवन बचाने के ममता अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ

भोपाल : गुरूवार, जून 26, 2014, 15:37 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने माताओं और शिशुओं का जीवन बचाने के ममता अभियान को समाज और जनता का अभियान बनाने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग इस अभियान में सहयोग करे। यह अभियान यूनिसेफ संस्था के सहयोग से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिये शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ समन्वय भवन में ममता अभियान के द्वितीय चरण के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री श्रीमती माधुरी दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित थीं। श्रीमती माधुरी दीक्षित को दो साल के लिये इस अभियान का ब्रांड एम्बेसेडर बनाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति और अधोसंरचना विकास के कार्य किये गये हैं। प्रदेश में अब स्वास्थ्य और शिक्षा को केन्द्र में रखकर प्रदेश को बदलने का अभियान चलाया जा रहा है। माताओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। दुनिया की सबसे सुंदर घटना बच्चे का जन्म है और इसी से सृष्टि चलती है। माँ को कोई तकलीफ नहीं हो इसके लिये समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में मातृ और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आयी है। गाँव को केन्द्र में रखकर किये गये सफल प्रयासों का श्रेय वहाँ काम करने वाली आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को है। बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिये लोगों को जागरूक करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेटियों के प्रति मानसिकता बदलने के लिये बेटी बचाओ अभियान चलाया गया है। बेटियों के लिये लाड़ली लक्ष्मी, गाँव की बेटी, मुख्यमंत्री कन्यादान जैसी कई योजनाएँ बनाई गई हैं। बेटियाँ ईश्वर का उपहार है। बेटियाँ बचेंगी तो समाज और देश बचेगा। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को स्कूल जरूर भेजे।

श्री चौहान ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी में आत्म-निर्भर होने के बाद स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में ध्यान केन्द्रित किया गया है। संस्थागत प्रसव को 100 प्रतिशत लाने का संकल्प राज्य सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता लाने और छोटा परिवार रखने का परामर्श देने के लिये भी समन्वित प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों के लिये मैदानी स्तर पर काम कर रहे आँगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने कहा कि माताओं और शिशुओं का जीवन बचाने का ममता एक पवित्र अभियान है इसे जनता अभियान बनाना होगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रदेश में संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 22 से बढ़कर 86 प्रतिशत हो गया है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिये लगातार काम किया जा रहा है। जननी सुरक्षा के लिये सुविधाएँ उपलब्ध करवाई गई हैं। महिलाओं के सम्मान एवं गरिमा की सुरक्षा के लिये गौरवी अभियान भी शुरू किया गया है।

श्रीमती माधुरी दीक्षित ने कहा कि वे राज्य सरकार के ममता अभियान से जुड़कर बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है। यहाँ की स्थानीय संस्कृति, परम्पराओं में विविधता है। इन्हें एक साथ लाना कठिन काम है। उन्होंने कहा कि माताओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिये जो आशा, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता कड़ी मेहनत से काम कर रहे हैं वे बधाई और सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि ममता अभियान के तीन बिन्दु – स्नेह, सुरक्षा और सम्मान अपने आप में एक मिशन है। माता और शिशुओं की सुरक्षा के लिये सरकार की ओर से कई छोटी-छोटी सुविधाएँ और परामर्श उपलब्ध है, लेकिन इसके प्रति माताओं को जागरूक बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी जागरूकता से 80 प्रतिशत माताओं का जीवन इससे बच सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूक होकर इनका लाभ उठायें। उन्होंने बेटे और बेटियों के साथ बराबरी का व्यवहार करने और उन्हें स्कूल भेजने का आग्रह करते हुए कहा कि महिला शिक्षा प्रगति और समृद्धि के द्वार खोलती है। उन्होंने यूनिसेफ और मुख्यमंत्री के प्रगतिशील नेतृत्व की सराहना की।

यूनिसेफ के राज्य प्रमुख श्री ट्रेवर क्लार्क ने अभियान के उद्देश्य और आकल्पन की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस अभियान के अच्छे परिणाम सामने आयेंगे। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ इस अभियान को समर्थन देना जारी रखेगा।

इस अवसर पर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने एवं स्वास्थ्य सुविधाएँ देने में जिला, गाँव और संभाग स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य अधिकारियों को मुख्यमंत्री श्री चौहान, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और श्रीमती माधुरी दीक्षित ने सम्मानित किया। आशा कार्यकर्ताओं में खण्डवा की गुंजन, रतलाम की श्रीमती दुर्गा देवड़ा और पन्ना की श्रीमती निशा तिवारी को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सीधी की श्रीमती स्नेहलता तिवारी, राजगढ़ की श्रीमती ममता गौतम और अलीराजपुर की श्रीमती सुनीता किरार को संस्थागत प्रसव में उत्कृष्ट कार्य के लिये पुरस्कृत किया। इसी प्रकार स्वास्थ्य मंत्री ने भोपाल के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज शुक्ला, देवास के डॉ. प्रकाश गर्ग और बालाघाट के डॉ. हेमन्त सिन्हा को पुरस्कृत किया। भोपाल के डॉ. जमरा, ग्वालियर की डॉ. निधि व्यास, इंदौर के डॉ. शरद पंडित को उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने श्रीमती माधुरी दीक्षित को अभियान का लोगो, साँची स्तूप का स्मृति-चिन्ह और कोसे की शाल भेंट की। मुख्यमंत्री ने अभियान पर केन्द्रित फिल्म की सी.डी., मार्गदर्शी पुस्तिका, सामाजिक व्यवहार प्रकोष्ठ द्वारा प्रकाशित बुकलेट, अभियान के गीत की सी.डी. और ब्रोशर का विमोचन किया।

अभियान के स्वरूप की जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री प्रवीर कृष्ण ने बताया कि गाँव-गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय तंत्र को मजबूत बनाया गया है। करीब 75 हजार कार्यकर्ता और 7 हजार चिकित्सक का दल इस कार्य में जुटा है। इससे 20 लाख माताओं और 20 लाख बच्चों को लाभ होगा

इस अवसर पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री शरद जैन, भोपाल के सांसद श्री आलोक संजर, मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा उपस्थित थे।