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रोज टहलना (वॉकिंग)- #GoodHealth #Morringwalk #PapayaLeaf

ध्यान दे, जरूरी बातें :

  • जूते आरामदायक हों ताकि चलते समय तकलीफ न हो।
  • सैर हेतु शांत वातावरण और चारों तरफ प्राकृतिक सौंदर्य वाला (बाग-बगीचा) या खुला स्थान चुनें।
  • टहलते समय हल्की गहरी साँस लेने की आदत डालें और मन में शुद्ध विचार लाएँ।
  • सैर के साथ व्यायाम भी करें
  • टहलते समय किसी प्रकार का मानसिक तनाव न रखें।
  • टहलते समय अपने हाथों को नीचे की ओर रखें और बराबर हिलाते रहें, इससे स्फूर्ति मिलती है।
  • हृदय रोग, रक्तचाप या कोई अन्य गंभीर समस्या वाले रोगी टहलना प्रारंभ करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
  • प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आयु एवं क्षमता के अनुसार ही सैर करनी चाहिए।
  • सैर करते समय प्रारंभ और अंत में हमेशा गति धीमी रखें। यही नहीं प्रातः भ्रमण के पश्चात हमें संतुलित आहार की ओर भी ध्यान देना होगा।
  • हाथ जरूर हिलाएं, लेकिन उन्हें उतनी ही ऊंचाई तक ले जाएं, जिससे दिक्कत न हो। हाथों की नैचरल स्विंग होनी चाहिए।
  • वॉक के दौरान मोबाइल या वॉकमैन के ईयर फोन से गाना या क्लासिकल म्यूजिक भी सुन सकते हैं। इससे दिमाग रिलैक्स होता है। सडक़ पर वॉक करते हुए ईयरफोन लगाकर गाना सुनना खतरनाक भी हो सकता है।
  • वॉक करते हुए मुंह से सांस न लें। इससे मुंह सूख जाता है और फेफड़ों समेत पूरी बॉडी को सही से ऑक्सिजन नहीं मिल पाती। फेफड़ों में धूल भी पहुंचती है।
  • आपस में या फोन पर गप मारते हुए वॉक न करें। इससे चलने के फायदे कम हो जाते हैं, क्योंकि शरीर और दिमाग के बीच तालमेल होना जरूरी है।
  • ज्यादा गर्मी में वॉक से बचें। इससे हीट स्ट्रोक हो सकता है।
  • एड़ी के ज्यादा इस्तेमाल से बचें। पंजों पर जोर रहे तो बेहतर है, वरना टखने में दर्द हो सकता है।
  • नियमित सैर करने से न केवल मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, बल्कि बाजुओं, पेट एवं जाँघों से भी अतिरिक्त चर्बी कम होती है। जितनी अधिक हम सैर करेंगे उतनी ही अधिक कैलोरीज बर्न होगी एवं मोटापा कम होगा।
  • प्रातःकाल की खुली स्वच्छ वायु फेफड़ों में रक्त शुद्ध करने की क्रिया को प्रभावशाली बनाती है। इससे शरीर में ऑक्सीहीमोग्लोबीन बनता है, जो कोशिकाओं को शुद्ध ऑक्सीजन पहुँचाता है।
  • हृदय, रक्तचाप, स्नायु रोग, मधुमेह आदि के रोगियों को भी प्रातः सैर करने की चिकित्सक द्वारा सलाह दी जाती है।
  • सुबह की सैर हड्डियों के घनत्व को भी बढ़ाती है।
  • टहलने से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक क्षमता भी बढ़ जाती है एवं तनाव दूर होता है।
  • कम से कम प्रतिदिन 5 किलोमीटर एवं सप्ताह में 7 दिन अवश्य सैर करें।

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