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देश की राजधानी दिल्ली में पहली बार हकीकत में सपने जैसा राजनैतिक मंजर

अरविन्द केजरीवाल की मुहिम से लाखो की तादाद में आम आदमी पार्टी से जुड़ते हुए देश के आम लोग, यह सब देख कर लग रहा है कि मानो जैसे बस सभी को ऐसे ही साफ़ arvind kejriwal app partiसुथरी अति सुन्दर राजनीती करनेवाले लोगो की ही प्रतीक्षा थी, पहले और अब में काफी बदलाव आया है ।
आम आदमी पार्टी को दिल्ली में सफलता पूर्वक सत्ता में काबिज होने के साथ केजरीवाल के ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में जब मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने गीत के द्वारा आम जनता को भाई चारे का संदेश दिया तब उस वक़्त वंहा पर उपस्थित आम जन समूह और घरो में टेलीविजन से चिपके लोग भाबुक हो गये।
और रही बात सरकार चलाने कि, तो निर्णय लेने में अरविन्द सरकार ने सिर्फ दो ही दिनो में बिजली, पानी और लाल बत्ती जैसे बड़े ताबड़ तोड फैसले ले कर राजनीति में नई ऊर्जा का संचार कर दिया है ।
केजरीवाल के फैसलों में ईमानदारी दिख रही है, सुरक्षा ठुकराना, सरकारी बंगले में न रहना, सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं करना, मंत्री इन्हें मूलभूत सुविधाएं मानते हैं। वैसे ही जैसे आम आदमी के लिए बिजली, सड़क, पानी, रोटी, घर और रोजगार, मंत्री ही क्यों सरकार का छोटे से छोटा अफ़सर भी इन सुविधाओं को अपना हक समझता है, ऐसे में इन्हें ठुकराना एक अच्छा संदेश देता है।
मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार एवं लगभग ८ और राज्यो में आम आदमी पार्टी में आम लोगो की सदस्यता लेने वालो की संख्या हजारो में है।
लोकसभा चुनाव २०१४ लड़ने का मन बना चुकी “आप” ने लगभग ३०० सीटो में उम्मीदवार खड़े करने वाली है, अगर यकीनन ऐसा होता है तो सबसे ज्यादा भाजपा के लिए चुनैती बड़ी होगी और फिर नरेंद्र मोदी को भी कुछ न कुछ आम आदमी के लिए राहत और भ्रष्टाचार मुक्त भारत में ज्यादा से ज्यादा जोर देना होगा, कांग्रेस समर्थन वापस लेती है तो छवि उसी की खराब होगी कि ईमानदार सरकार को चलने नहीं दिया। अगर वे सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को थोड़ा भी दूर कर पाए, यह उनकी बड़ी सफलता होगी। जनता को अपने ही पैसे से जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वे मिलने लगेंगी।
इस बदली हुई राजनीत हवा में वही लोग या राजनीतिक पार्टिया ही टिक पाएगी जो समाज के नजदीक जाके उसे समझने की कोशिस करेगा या उससे संवाद करेगा और अगर ऐसा और लोग या पार्टिया करती है तू यह २०१४ में पुरे भारत के लिए देश आजाद होने के बाद की सबसे बड़ी क्रांति होगी।

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राकेश कुमार मिश्रा
संस्थापक और मुख्य संपादक
ट्रैपटाउन डॉट कॉम, भोपाल, मध्यप्रदेश