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उत्तरप्रदेश चुनाव २०१७ – हाथी, साइकिल/पंजा या नोटबंदी वाली भाजपा (कमल)?

उत्तरप्रदेश चुनाव २०१७ - हाथी, साइकिल/पंजा या नोटबंदी वाली भाजपा (कमल)?
उत्तरप्रदेश चुनाव २०१७ – हाथी, साइकिल/पंजा या नोटबंदी वाली भाजपा (कमल)?

अब यूपी चुनाव में दो चरणों का मतदान बाकी है, लगातार देश भर में भारतीय जनता पार्टी के स्थायनीय निकाय चुनावों में शानदार जीत के बाद यूपी में भी जीत का भरोसा अभी से हिलोरे मार रहा है और बातें 250 सीटों पार की भी हो रही हैं। उड़ीसा और महाराष्ट्र में जीत के जश्न के दौरान वक्ताओँ ने ऐलान किया कि अंतिम चरणों के मतदान में भाजपा के पक्ष में चल रही आंधी और तेज होगी। उनका कहना है कि अबकी बार यूपी में भी भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। जनता ने नोटबंदी के निर्णय पर अपनी मुहर लगाते जा रही है और साथ ही नोटबंदी पार्टी के लिए क्या वोट का ख़ज़ाना साबित हो रही है?

नोटबंदी पार्टी (भाजपा)
नोटबंदी पार्टी (भाजपा)

आज 5 चरणों के चुनाव के सम्पन्न हो जाने के बाद साफ-साफ महसूस होता है कि बीजेपी नंबर वन पार्टी बनकर रेस में काफी आगे निकल गई है, एसपी और बीएसपी बीच मुकाबला नंबर दो के लिए बचा है गांव, सड़क किनारे की छोटी चाय-पान की दुकान, चौपाल, नुक्कड़, कच्चे-पक्के घरों में रहने वाले लोग और कस्बों के वोटरों में बीजेपी के लिए कुछ वैसी ही चाहत दिख रही है जैसी की बदलाव की बहती बयार के बीच २०१४ लोकसभा के चुनावों के वक्त दिखी थी— हाथी, साइकिल/ पंजा की जगह लोग भाजपा को तरजीह दे रहे हैं।

साइकिल/ पंजा
साइकिल/ पंजा
अखिलेश ने तीसरे चरण के चुनाव के बाद ‘गुजरात के गधे’ जैसे मुहावरे का प्रयोग किया था और पीएम नरेंद्र मोदी ने मऊ रैली में किया फिल्‍म ‘बाहुबली‘ का जिक्र साथ ही हमें यह भी ध्यान में रखना होगा कि यूपी बड़ा राज्य है, यहां से 403 विधायक चुने जाने हैं और हार-जीत का फासला कितना छोटा या बड़ा होता है, इसका आकलन अभी शेष है लेकिन अभी से एक बात साफ हो गई है कि 11 मार्च के दिन अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार को सूबे की जनता सत्ता के सिंहासन से बेदखल कर देगी या गद्दी पर बीजेपी को बैठाएगी और अगर, बीजेपी बहुमत का आंकड़ा छू लेती है तो उसे उत्तरप्रदेश की जनता से और देश से किये गए वादे पूरे करने होंगे क्योकि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने की दशा में उसे अपने किये हुए वादों पर खरे उतरने की चुनौती जरूर रहेगी ।